क्या AI लिखने वालों की नौकरी छीन लेगा?

हाल ही में ChatGpt जैसे advance AI टूल्स आने से खूब शोर मचा हुआ है कि वो इंसान लिखने वालों की जगह ले लेंगे. यकीन मानिए, ये सवाल हर किसी के दिमाग में कौंध रहा है.सोचिए, एक मशीन जो हूबहू इंसान जैसा लिख सकती है, वो तो हमारे काम छीन लेगी ज़रूर! पर क्या बात इतनी सीधी है? आइए आज ज़रा गहराई से सोचें.

“Content” क्या होता है और लिखने वाले कौन होते हैं?

पहले ये समझ लें कि “Content” का मतलब क्या होता है. कहने को आसान है, ये हर वो लिखावट है जो हमें पढ़ने को मिलती है. वेबसाइट(website) की जानकारियां, ब्लॉग के आर्टिकल, सोशल मीडिया(social media) के पोस्ट, कहानियां, रिपोर्ट, यही सब कंटेंट है.

लिखने वाले का काम है इन सब चीज़ों को इतना अच्छा लिखना कि पढ़ने वाला खो जाए. इसके लिए वो अपनी कल्पना और भाषा के ज्ञान का इस्तेमाल करता है. जैसे – वाक्य कैसे ठीक-ठाक जुड़े, कहानी का तारतम्य कैसा हो, किस लहजे में लिखना है, ये सब एक अच्छे लिखने वाले को पता होता है.

लिखने वाले कई तरह के होते हैं:

  • Blogger वो जो रोचक ब्लॉग लिखते हैं
  • Social media लिखने वाले वो जो फेसबुक, इंस्टाग्राम पर जानदार पोस्ट लिखते हैं.
  • Website copywriter वो जो वेबसाइट्स के बारे में ज़रूरी जानकारियां लिखते हैं.
  • टेक्निकल लिखने वाले वो जो मुश्किल विषयों को आसान बनाकर समझाते हैं.
  • Scriptwriter वो जो फिल्मों, सीरियल्स के लिए कहानियां और संवाद लिखते हैं.
  • उपन्यासकार वो जो दिल को छू लेने वाली कहानियां लिखते हैं.
  • Marketing लिखने वाले वो जो विज्ञापनों और प्रचार सामग्री लिखते हैं.
  • रिपोर्ट लिखने वाले वो जो किसी मुद्दे पर पूरी जानकारी देने वाली रिपोर्ट लिखते हैं.
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ये सब लोग नए विचारों को सोचते हैं, रिसर्च करते हैं और फिर उसे शब्दों में पिरोते हैं. उनका मकसद होता है पढ़ने वालों को कुछ सीखाना, बताना, उनका मनोरंजन करना या उन्हें किसी चीज़ के लिए तैयार करना.

AI की जादूगरी और उसकी हदें

अब AI की बात करते हैं. सोचिए, चैटजीपीटी को सिर्फ कुछ शब्द बताओ और वो एक पूरा आर्टिकल लिखकर दे दे! ये किसी जादू जैसा ही लगता है, है ना?

दरअसल, ये AI कंप्यूटर में बहुत बड़े भंडार (Database) में जमा जानकारी का इस्तेमाल करती है. वो इन आंकड़ों को combine करती है और फिर कुछ इस तरह लिखती है कि पढ़ने वाला इसे इंसान लिखा ही समझे. ये वाकई बड़ी बात है.

इससे लिखने वालों को काफी फायदा हो सकता है. अब वो कठिन रिसर्च के काम AI से करवा सकते हैं, ड्राफ्ट बनाने में तेज़ी ला सकते हैं और नए विचारों को तलाशने में AI की मदद ले सकते हैं. समय की कितनी बचत होती है, सोचो ज़रा!

पर सबकुछ इतना आसान नहीं है. AI की भी अपनी हदें हैं:

  • AI में इंसानों जैसी कल्पनाशीलता नहीं होती. एक ही शब्द अलग-अलग लिखने वालों के हाथों अलग-अलग कहानियां बन सकता है.
  • AI को असली दुनिया का अनुभव नहीं होता. इसलिए उसकी लिखी कहानियों में असलियत की कमी दिखती है.
  • AI कल्चरल ट्रेंड नहीं पकड़ पाती. वो किसी लेखक की खास लिखने की शैली को भी आसानी से कॉपी नहीं कर सकती. इसलिए लिखा हुआ थोड़ा फीका लग सकता है.

क्या AI लिखने वालों का दुश्मन है?

तो क्या ये सब कहता है कि AI लिखने वालों की दुश्मन बनकर आई है? बिल्कुल नहीं! बल्कि वो एक दोस्त की तरह दिखाई देती है, जो कुछ कामों में हाथ बंटाने को तैयार है. ये ज़रूर है कि एडवांसमेंट हो रहा है, पर इंसान की जगह लेना इतना आसान नहीं है.

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सोचिए, ज़िंदगी के सबसे दिलचस्प किस्से, प्यार की गहराइयां, हंसी के छींटे, समाज के गंभीर सवाल – ये सब लिखने के लिए तो इंसान की ज़रूरत ही पड़ती है. AI कंप्यूटर के कोड से चलती है, पर इंसान के अंदर ज़िंदगी का समंदर उमड़ता है. वो अनुभव, वो संवेदना, वो रचनात्मकता – ये सब AI के बस की बात नहीं.

इसलिए, जो काम AI कर सकती है, वो उसे करने दो. रिसर्च, डेटा इकट्ठा करना, बेसिक आउटलाइन बनाना – इन कामों में समय बचाकर हम और ज़्यादा ऊंची उड़ान भर सकते हैं. हम जटिल कहानियां लिख सकते हैं, पात्रों को ज़िंदा कर सकते हैं, समाज पर कटाक्ष कर सकते हैं. हम उन भावनाओं को शब्दों में पिरो सकते हैं जो AI कभी नहीं समझ पाएगी.

मिलकर तरक्की का रास्ता

इसलिए, डरने की ज़रूरत नहीं है. AI तो बस एक ज़रिया है, एक उपकरण है. और उपकरण का इस्तेमाल कैसे करना है, ये तो हमारे ऊपर निर्भर करता है. अगर हम ज़्यादा मेहनत करेंगे, नया सीखेंगे और अपनी रचनात्मकता को जगाए रखेंगे, तो AI किसी खतरे में नहीं है, बल्कि वो हमारे साथ मिलकर कंटेंट क्रिएशन की दुनिया को और भी शानदार बना सकती है.

सोचिए, AI डेटा इकट्ठा करेगी, रिसर्च करेगी और हमें आइडिया देगी. हम उस डेटा में से कहानी चुनेंगे, उसमें जान डालेंगे, भावनाएं जोड़ेंगे और उसे एक खूबसूरत कृति में बदल देंगे. इस तरह AI और इंसान मिलकर लिखने की कला को नई बुलंदियों पर ले जा सकते हैं.

ये भविष्य है, दोस्तों. एक ऐसा भविष्य जहां इंसान और AI साथ मिलकर काम करेंगे, एक-दूसरे को सीखेंगे और इस दुनिया को शब्दों के जादू से भर देंगे. तो डरना छोड़ो, कलम उठाओ और लिखना शुरू करो!

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इसके अलावा, हम और क्या बात कर सकते हैं? क्या कोई खास तरह का कंटेंट है जिस पर AI का ज़्यादा असर पड़ सकता है? या आप कंटेंट क्रिएशन के भविष्य के बारे में अपने विचार साझा करना चाहते हैं? मुझे बताएं, मैं आपकी कहानी लिखने में आपकी मदद करूंगा!

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